Ghazal Alagh की इस पूरी दास्तां को सुन आपके भी दिलो के रोंगटे खड़े हो जाएंगे। क्योंकि मां बनने के बाद भी इतनी बड़ी सफलता पाना हर किसी की बात नहीं । आज हम Ghazal Alagh की सफलता के विषय में चर्चा करने जा रहे है।
मामाअर्थ की शुरुआत
दरअसल गजल अलघ ने मामाअर्थ की शुरुआत वरुण अलघ के साथ मिलकर 2016 में की थी, जो कि आज अपना सफल रूप ले चुकी हैं। कंपनी ने अपनी रफ्तार पकड़ी और सिर्फ 4 सालों में ही 100 करोड़ का कारोबार कर चुकी थी। जो कि 2021 में इनका वैल्युएशन $1M को पार कर चुका था। जिससे यह भारतीय बाजार में अपनी विशेष पहचान बना दी ओर यूनिकॉर्न का रूप ले लिया।
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मामाअर्थ कंपनी के उत्पाद
मामाअर्थ कंपनी में टॉक्सिन युक्त उत्पाद बनाए जाते है। जिसमें कोई भारी मात्रा में टॉक्सिन पदार्थ का इस्तेमाल नहीं होता है। इस कंपनी में स्किनकेयर, बेबी स्किन केयर ब्रांड को विशेष महत्व दिया जाता हैं। यह आइडिया गजल अलघ को उनके बच्चे में होने वाले चर्मरोग से आने वाले बदले को लेकर जागा था। ताकि ऐसे केमिकल युक्त टॉक्सिन स्किनकेयर प्रोडक्ट के इस्तेमाल से किसी और बच्चों के साथ ऐसा न हो। और यह गुस्सा आज सफलता में बदल गया ।
Ghazal Alagh की सफलता
दरअसल गजल अलघ के दो बच्चे है, जो कि रोगग्रस्त पीड़ित है। लेकिन फिर भी ghazal Alagh ने हार नहीं मानी और उनकी निरंतर मेहनत ने उनके मामाअर्थ ब्रांड को ओर भी ऊंचाइयों पर ले जाने में सक्षम हुई। एक बार उनके एक बेटे ने पूछा कि ‘ मम्मा हम अपने से बड़ों के पर क्यों छूते है ‘ इस बात पर गजल ने बहुत ही प्यार जवाब दिया।
बच्चे के इस सवाल को लेकर गजल काफी खुश हुई और जवाब देते हुए बोली – बेटा हमारे देश में बड़े बुजुर्ग के पैर छूने का रिवाज है। यह दूसरों को सम्मान देने का भावात्मक तरीका है, इसे उपसंग्रहण कहते है। अगर आप अपने से बड़ों के पैर छूकर उनका सम्मान करने पर यह दर्शाता है, कि उनका प्यार, आशीर्वाद और ज्ञान पाने के लिए अपने अहम का त्याग करते है।
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